कैल्शियम की कमी को दूर करने के कुछ घरेलू उपाय
अवलोकन
अक्सर ऐसा देखा जाता है कि लोगों के शरीर की हड्डियों और जोड़ों में दर्द होने लगता है, और यह दर्द लम्बे समय तक रहता है। इस पीड़ादायक दर्द को दूर करने के लिए लोग अनेक दवाइयों का सेवन करते हैं परन्तु कुछ आराम नहीं मिलता। अगर आप भी ऐसी समस्या से परेशान हैं तो आपको समय रहते इसका इलाज करा लेना चाहिए।
मनुष्य के शरीर के अंदर कैल्शियम, एक आवश्यक खनिज पदार्थ होता है, जिसकी कमी के कारण व्यक्ति अनेक हानिकारक बीमारियों का शिकार हो जाता है। आयुर्वेदिक चिकित्सा के अनुसार शरीर के अंदर कैल्शियम की कमी होने से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, जिसके कारण उसे हड्डियों और जोड़ों के दर्द जैसी परेशानियों से जूझना पड़ता है। एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए एकदिन में कम से कम 900 से 1200 मिलीग्राम कैल्शियम लेना बहुत जरूरी है। अगर वह इस अपेक्षित मात्रा में कैल्शियम प्राप्त नहीं कर पाता है, तो वह बहुत जल्दी हड्डियों की बीमारियों से ग्रसित हो जाता है।

आयुर्वेदिक चिकित्सा के अनुसार कैल्शियम की कमी के मुख्य कारण
शरीर के अंदर कैल्शियम की कमी के मुख्य कारण हो सकते हैं
- कैल्शियम रहित भोजन
- शरीर में विटामिन C की मात्रा का कम हो जाना
- अत्यधिक मात्रा में चाय और कॉफी का सेवन
- बहुत ज्यादा मात्रा में सोडियम का सेवन
यह सभी समस्याएं सबसे ज्यादा महिलाओं को परेशान करती है क्योकि उन्हें गर्भावस्था ,मासिक चक्र आदि स्थितियों से गुज़ारना पड़ता है ।
आयुर्वेदिक चिकित्सा के अनुसार कैल्शियम की कमी के मुख्य लक्षण
आयुर्वेद कहता है कि अगर किसी बीमारी के लक्षणों को जान लिया जाए तो उस बीमारी को बहुत जल्दी दूर किया जा सकता है। शरीर में कैल्शियम की कमीं होने के कारण, पाए जाने वाले कुछ मुख्य लक्षण हैं:–
शरीर के अंदर कैल्शियम कि कमीं के मुख्य लक्षण नीचे दिए गए हैं
- हड्डियों और जोड़ों में बहुत ज्यादा दर्द
- हमेशा थकान का अनुभव
- बालों का समय से पहले झड़ना
- दांतों में अत्यधिक वेदना
- अनिद्रा की समस्या
- मानसिक बिमारियों से ग्रसित होना
- स्मरण शक्ति का कमजोर होना
कैल्शियम की कमी को पूरा करने वाले कुछ घरेलू उपाय
आयुर्वेद के अनुसार व्यक्ति घरेलू उपायों द्वारा भी कैल्शियम की कमी को पूरा कर सकता है। ये सभी घरेलू उपाय १०० % प्राकृतिक होते हैं जिनका कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। अगर आयुर्वेदिक उपचार के साथ इन घरेलू उपायों का सेवन किया जाए तो शरीर में कैल्शियम की कमी को बहुत जल्दी पूरा किया जा सकता है। ऐसे ही कुछ सबसे ज्यादा फायदेमंद घरेलु उपाय निम्नलिखित हैं:–
देसी गाय का दूध फायदेमंद
आयुर्वेदिक चिकित्सा के अनुसार देसी गाय का दूध बहुत लाभकारी होता है तथा किसी भी आयु का व्यक्ति इसका सेवन बिना किसी दुष्प्रभाव के कर सकता है। गाय के दूध में कैल्शियम की भरपूर मात्रा होती है, इसलिए कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए रोज़ रात को सोने से पहले १ गिलास गाय का गर्म दूध पीना चाहिए।
जीरा कैल्शियम का अच्छा स्त्रोत
अगर किसी व्यक्ति में कैल्शियम की कमी हो गयी है, तो उसको रोज़ाना दिन में २ बार, एक गिलास गर्म पानी में आधा चम्मच जीरा डालकर सेवन करना चाहिए। यह उपयोग शरीर में हुई कैल्शियम की कमी को बहुत जल्दी पूरा करता है।

व्याख्या – इस श्लोक में कहा गया है कि तीनों प्रकार के जीरा रुक्ष, कटुरसयुक्त, उष्णवीर्य, अग्निदीपक, परिपाक में लघु, संग्रहणी, पित्तकारक, मेधा के लिए उपयोगी, गर्भाशय को शुद्ध करने वाले, ज्वरनाशक, पाचक, वृष्य, बलकारक, रुचिजनक, कफनाशक, नेत्रों के लिए हितकारी और वायु, आध्यमान, गाँठ, उल्टी और दस्त को दूर करने वाला होता है।
संदर्भ – भावप्रकाश निघण्टु, (हरितक्यादिवर्ग ), श्लोक – 84 – 85
भूमि आंवला एक लाभकारी औषधि
आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथों में भूमि आंवला को कैल्शियम का महत्वपूर्ण स्त्रोत बताया गया है। इसके अंदर कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम आदि खनिज पदार्थ और एंटी बैक्टीरियल, एंटी ऑक्सीडेंट जैसे महत्वपूर्ण गुण पाए जाते हैं, जो आपके शरीर को बीमारियों से बचाए रखने के साथ-साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने में सहायक होते हैं। इसके उपयोग के लिए आप आंवला फल या आंवला चूर्ण का सेवन कर सकते हैं।
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व्याख्या – इस श्लोक में कहा गया है कि भूमि आंवला कड़वा, कषाय एवं मधुर रस से युक्त होता है, वात, शीतवीर्य और तृषा को शान्त करता है, खांसी, पित्तदोष, रक्तविकार, कफदोष, खुजली और शरीर को होने वाली अन्य हानियों को दूर करने वाला होता है।
संदर्भ – भावप्रकाश निघण्टु ( गुडुच्यादिवर्ग ), श्लोक – 278
तिल का उपयोग मददगार
अगर व्यक्ति के शरीर में कैल्शियम की कमी हो गयी है जिसकी वजह से वह जोड़ो के दर्द से परेशान रहता है तो उसको अपने भोजन में तिल का इस्तेमाल करना चाहिए। तिल में भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है। तिल के चूर्ण को देसी गाय के १ गिलास गर्म दूध के साथ रोजाना रात को सोने से पहले सेवन करने से कैल्शियम की कमी बहुत जल्दी पूरी हो जाती है। आयुर्वेद के अनुसार यह उपयोग शरीर की मांशपेशियों को मजबूत बनाए रखने के साथ-साथ शरीर को अनेक बीमारियों से बचाये रखने में सहायक होता है |
अदरक का सेवन उपयोगी
आयुर्वेद में अदरक को विश्व का सबसे ज्यादा औषधीय गुणों वाला मसाला माना गया है। प्राचीन काल से ही अदरक का इस्तेमाल अनेक बीमारियों को दूर करने के लिए किया जाता रहा है। अनेक आयुर्वेदिक औषधियों में भी अदरक का मिश्रण किया जाता है। अदरक को आयुर्वेद ग्रंथों में एक लाभकारी औषधि माना गया है | कैल्शियम की कमी से ग्रसित व्यक्ति को सुबह – शाम २ छोटे-छोटे अदरक के टुकड़ो को १ गिलास पानी में उबालकर , उस पानी को सूती कपड़े से छानकर रोजाना पीना चाहिए। यह उपयोग कैल्शियम की मात्रा को शीघ्र संतुलित कर देता है ।

व्याख्या – इस श्लोक में कहा गया है कि अदरक वात और कफ दोष को संतुलित रखने वाला, सूजन को कम करने वाला, कब्ज को दूर करने वाला, गले के रोग और सर्दी को दूर करने वाला, कड़वा, गरम, भूख बढ़ाने वाला, कामशक्ति को बढ़ाने वाला और हृदय रोगों में अच्छी औषधि है।
संदर्भ – धन्वंतरि निघण्टु, (सुवर्णदिवर्ग), श्लोक – 84
निष्कर्ष
ये सभी घरेलु उपचार शरीर में होने वाली कैल्शियम की कमी को पूरा करते हैं और आपको स्वस्थ रखते हैं। तो शीघ्र ही इनका उपयोग करें और हड्डियों एवं जोड़ों के दर्द से होने वाली आम समस्याओं से अपने प्रियजनों और स्वयं को बचाएँ।
Dr. Vikram Chauhan
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