Rubia Cordifolia: A Beneficial Herb (मंजिष्ठा एक लाभकारी औषधि)

आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथों में इस औषधि के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया है ।यह प्राकृतिक औषधि हिमालय की ऊंची पहाड़ियों पर झाड़ी के रूप में विकसित होती है ।इस औषधि का आकार सभी जड़ी बूटियों से एकदम अलग होता है इस जड़ी बूटी का तना बिल्कुल पतला और चार भुजाओं वाला होता है इसके फूलों का रंग सफेद और हरा होता है ।इस आयुर्वेदिक पौधे की ऊंचाई १.५ से २ मीटर तक हो सकती है ।इस औषधीय पौधे की जड़ और तना आयुर्वेदिक दवाईयाँ बनाने के लिए प्रयोग किये जाते हैं । इस औषधि का उपयोग प्राचीन काल से शरीर के अंदर रक्त को साफ और स्वस्थ करने के लिए होता आ रहा है ।इस जड़ी बूटी का नियमित सेवन आपके रक्त को साफ और शीतल रखने के साथ साथ हानिकारक रक्त को शरीर से बहार निकालने में भी सहायक होता है । यह प्रयोग आपके शरीर में रक्त प्रवाह को संतुलित बनाए रखता है । इस औषधि के अंदर पाए जाने वाले आवश्यक गुणों में एंटी ऑक्सीडेंट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। एक शोध के अनुसार यह गुण आपके शरीर में रक्त संचार को दुरुस्त रखता है और रक्त को शरीर की कोशिकाओं में जमने नहीं देता जिसकी वजह से शरीर रक्तचाप जैसी समस्याओं से सुरक्षित रहता है ।

ancient reference

व्याख्या -  इस श्लोक में कहा गया है कि मंजिष्ठा मीठा और कषाय है ,गरम और भारी है ,कफ दोष को संतुलित रखने वाला है ,आलस और अल्सर को ठीक करने वाला है,मूत्र को बढ़ाने में सहायक ,रक्त विकारों को खत्म करने में सहायक ,हानिकारक संक्रमण और आखों की बीमारियों को खत्म करने में लाभकारी होता है ।

संदर्भ- धन्वंतरि निघण्टु ,श्लोक -९८  ।

Rubia Cordifolia

आइये जानते हैं इस औषधीय जड़ी बूटी के फायदों के बारे में

1. त्वचा रोगों में लाभकारी

आज कल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में और हानिकारक वातावरण की वजह से आपके शरीर की त्वचा का खराब होना या फिर त्वचा पर खुजली जैसी परेशानियों का आना सामान्य सी बात है परन्तु इन परेशानियों पर ध्यान न देना आपकी त्वचा के लिए हानिकारक साबित हो सकता है ।अगर आपकी त्वचा रूखी रहती है या झुर्रियां पड़ने लगी हैं तो आपको मंजिष्ठा की जड़ों का लेप तैयार करके इस्तेमाल करना बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है ।यह एक रक्त रोग निवारिणी जड़ी बूटी है जिसकी वजह आपकी त्वचा हानिकारक संक्रमण से सुरक्षित रहती है ।इस औषधि का नियमित सेवन आपको त्वचा की खुजली ,दाद और सोरायसिस जैसी हानिकारक बीमारियों से बचा रखता है ।

2. वजन को संतुलित रखने में सहायक

मंजिष्ठा के अंदर आपके पाचन तंत्र को दुरुस्त बनाए रखने के गुण होते हैं यह आपके शरीर के मोटापे को घटा कर वजन को संतुलित रखने में सहायक होता है ।अगर आप मोटापे की वजह से परेशान हैं तो मंजिष्ठा की जड़ों का काढ़ा नियमित रूप से सुबह खाली पेट सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है ।यह प्रयोग आपके लीवर को स्वस्थ रखने के साथ साथ आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देता है। शरीर के वजन को कम करने के लिए मंजिष्ठा का सेवन करना लाभकारी होता है ।

3. प्रजनन के लिए उत्तम औषधि

यह औषधीय पौधा पुरुष और महिलाओं की प्रजनन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने और महिलाओं के गर्भाशय को मजबूत रखने में काफी उपयोगी होता है ।इस औषधि को आयुर्वेद में फलासरपी के नाम से जाना जाता है ।अगर गर्भपात से पीड़ित महिलाएं भी इस औषधि का सेवन नियमित रूप से करती हैं तो यह औषधि बहुत लाभकारी साबित होती है ।

4. बालों के लिए गुणकारी औषधि

आज के समाज में बालों का समय से पहले झड़ना सामान्य सी बात है परन्तु इस समस्या पर कोई ध्यान न देने की वजह से ये बालों के झड़ने की समस्या धीरे-धीरे गंजेपन में बदल जाती है ।एक शोध से पता चला है कि मंजिष्ठा का सेवन आपके बालों का विकास तेज गति से करता है ।अगर मंजिष्ठा की जड़ों से लेप तैयार करके सिर के ऊपर लगाया जाए तो यह प्रयोग आपके बालों को समय से पहले झड़ने नहीं देता और उनकी जड़ों को मजबूत बनाने में सहायक होता है।

5. सूजन को कम करने में सहायक

इस औषधीय पौधे का उपयोग आयुर्वेदिक चिकित्सा में प्राचीन काल से शरीर की सूजन को कम करने के लिए होता आ रहा है।आयुर्वेद के अनुसार मंजिष्ठा की जड़ों का काढ़ा अगर सुबह खाली पेट सेवन किया जाए तो यह प्रयोग आपके पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के साथ साथ आपके शरीर की सूजन को कम करने में भी सहायक होता है ।यह प्रयोग आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ा देता है ।

6. मूत्राशय के लिए लाभकारी

अगर आपके शरीर के गुर्दे स्वस्थ रहते हैं तो आपका शरीर भी स्वस्थ रहता है और मूत्राशय में किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं आती ।एक अध्यन के अनुसार अगर कोई रक्तचाप बीमारी का मरीज होगा तो उसको पेशाब से संबंधित परेशानियां आती हैं इन परेशानियों को दूर करने के लिए उसके लिए मंजिष्ठा का उपयोग करना बहुत ज्यादा लाभकारी साबित होता है।इस औषधि का नितमित सेवन आपके गुर्दों ,यकृत और मूत्राशय को साफ और स्वस्थ बनाए रखता है ।यह प्रयोग आपकी पाचन क्रिया के लिए बहुत लाभदायक होता है ।

7. मधुमेह के रोगों में मददगार

एक अध्यन के अनुसार बताया गया है मंजिष्ठा के पौधे के अंदर ऐसे महत्वपूर्ण पोषक तत्त्व पाए जाते हैं जो शुगर की मात्रा को बढ़ने नहीं देते और उसको संतुलित बनाए रखने में सहायक होते हैं।इसके उपयोग करने का तरीका बहुत आसान है इसके लिए आपको मंजिष्ठा की जड़ों का काढ़ा तैयार करके उसका सेवन सुबह और शाम को खाना खाने के १ घण्टा पहले करना बहुत लाभदायक होता है।मंजिष्ठा के अंदर मधुमेह जैसी जानलेवा बीमारी से लड़ने की क्षमता होती है।यह प्रयोग मधुमेह के अंदर होने वाली अल्सर की परेशानी को भी खत्म करने में सहायक होता है ।

8. महिलाओं के लिए उत्तम औषधि

महिलाओं से संबंधित हर बिमारियों में मंजिष्ठा का पौधा लाभदायक साबित होता है ।इसकी जड़ों के काढ़े का रोजाना सेवन महिलाओं की मासिक चक्र से संबंधित हर समस्या को दूर करने में मददगार होता है ।यह औषधीय पौधा महिलाओं के गर्भाशय को मजबूत रखने में काफी उपयोगी होता है। यह प्रयोग महिलाओं में प्रसव के दौरान होने वाली बिमारियों को दूर करने में सहायक होता है ।

The following two tabs change content below.
Dr. Vikram Chauhan
Dr. Vikram Chauhan (MD-Ayurvedic Medicine) is an expert Ayurveda consultant in Chandigarh (India). He has vast experience of herbs and their applied uses. He has successfully treated numerous patients suffering from various ailments, throughout the world. He is CEO and Founder of Krishna Herbal Company and Planet Ayurveda in Chandigarh, India. He researched age old formulas from ancient Ayurvedic text books to restore health and save human beings from the worst side-effects of chemical based treatments.